कानपुर में एक जिला कृषि अधिकारी, अमर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने विधायक अभिजीत सिंह सांगा से फोन पर नशे की हालत में बात की और खाद वितरण से जुड़ी समस्याओं का ठीक से जवाब नहीं दे पाए। इस घटना के बाद, अमर सिंह अचानक मेडिकल लीव पर चले गए हैं।
पूरा मामला
विधायक से फोन पर बातचीत:

- विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने खाद की कमी को लेकर मंगलवार रात को कृषि अधिकारी अमर सिंह को फोन किया।
- विधायक का आरोप है कि फोन पर बातचीत के दौरान अमर सिंह की आवाज लड़खड़ा रही थी और वे नशे में लग रहे थे।
- अमर सिंह खाद की समस्या को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
- विधायक ने इस बातचीत की रिकॉर्डिंग कानपुर के जिलाधिकारी (DM) को भेज दी।
बैठक में अनुपस्थिति:
- अगले दिन जब खाद वितरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, तो अमर सिंह बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे।
- डीएम ने बैठक में मौजूद अन्य अधिकारियों को विधायक और अमर सिंह के बीच हुई फोन कॉल की रिकॉर्डिंग सुनाई। इस रिकॉर्डिंग में अमर सिंह की लड़खड़ाती हुई आवाज साफ सुनी जा सकती थी।
कार्रवाई और आगे का घटनाक्रम
डीएम की सिफारिश:
- उपनिदेशक कृषि की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने अमर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
- डीएम ने मीडिया से इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
अधिकारी का छुट्टी पर जाना:
- अपने खिलाफ कार्रवाई की खबर मिलते ही अमर सिंह अचानक मेडिकल लीव पर चले गए।
- डीएम ने विभागीय काम जारी रखने के लिए दूसरे अधिकारी को चार्ज सौंपने का निर्देश दिया है।
विधायक का बयान:
- विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने कहा कि उन्होंने अमर सिंह को खाद की समस्या के लिए फोन किया था, लेकिन वे ठीक से बात नहीं कर पाए क्योंकि वे नशे में थे। इसके बाद उन्होंने बातचीत की रिकॉर्डिंग डीएम को भेज दी।
अन्य संबंधित घटनाएँ
खाद वितरण के दौरान भगदड़:
- कानपुर के शिवराजपुर स्थित सखरेज गांव में खाद वितरण के दौरान भगदड़ मचने से एक किसान की उंगली कट गई।
- पीड़ित किसान पवन मिश्रा ने आरोप लगाया है कि समिति के सचिव के करीबी ने अपने चहेतों को खाद देने की कोशिश की, जिससे यह घटना हुई।
किसान कॉल सेंटर:
- किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कानपुर में एक किसान कॉल सेंटर शुरू किया गया है। किसान खाद से जुड़ी समस्याओं के लिए अरविन्द सिंह (9793183550) और शिवम (6393775438) से संपर्क कर सकते हैं।
खाद की उपलब्धता:
- कानपुर में कुल 24,815 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जिसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और सुपर फास्फेट शामिल हैं।
- जिले में 667 निजी और 94 सहकारी समितियों के माध्यम से खाद बेची जा रही है।





