By Deepak Shukla:- 8वां वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, वेतन में 30-34% की बढ़ोतरी संभव!
आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है! उम्मीद है कि इसके लागू होने पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 30% से 34% तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
फिटमेंट फैक्टर और सैलरी में संभावित बढ़ोतरी
सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसके कारण न्यूनतम मूल वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया था. हालांकि, महंगाई भत्ता (DA) रीसेट करने के बाद वास्तविक ग्रोथ केवल 14.3% ही रही थी.
आठवें वेतन आयोग में, ब्रोकरेज फर्म एविड कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, नया फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है. वहीं, कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह 1.1 से 2.86 के बीच रहने की संभावना जताई गई है. इस वृद्धि से केंद्र सरकार पर ₹1.8 लाख करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा.
न्यूनतम मूल वेतन में इजाफा
वर्तमान में, सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल-1 के कर्मचारियों का मासिक मूल वेतन ₹18,000 और लेवल-2 के कर्मचारियों का ₹19,900 है. आठवें वेतन आयोग के लागू होने पर, यह संभावना है कि लेवल-1 और लेवल-2 के कर्मचारियों का वेतन ₹30,000 से ₹50,000 के बीच पहुंच सकता है.
कब तक लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
देश के लगभग एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी आठवें वेतन आयोग के गठन की तारीख की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. नए आयोग के लागू होते ही उनकी सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिसका लाभ 50 लाख से ज़्यादा कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा.
सरकारी कर्मचारियों के वेतन में मूल वेतन, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और परिवहन भत्ता शामिल होता है. मूल वेतन उनकी कुल आय का 51.5% होता है. फिटमेंट फैक्टर का केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय करने में अहम रोल होता है, क्योंकि इसी के कारण उनके वेतन में ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी होती है.

हालांकि, अब तक की प्रक्रिया और गति को देखते हुए,2026 से नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने की संभावना कम है. ऐसा इसलिए है क्योंकि आयोग के गठन की पूरी प्रक्रिया में 12 से 15 महीने का समय लगता है, जिससे इसकी घोषणा 2027 तक जा सकती है. वेतन आयोग को 16 जनवरी 2025 को मंजूरी दी गई थी.




