पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी के परिजनों ने गुरुवार को वृंदावन पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। शुभम की पत्नी ऐशान्या, पिता संजय द्विवेदी और चाचा मनोज द्विवेदी समेत परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ थे।

मुलाकात के दौरान, परिजनों ने प्रेमानंद महाराज को शुभम की निर्मम हत्या की जानकारी दी, जिसके बाद संत ने उन्हें सांत्वना दी। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि पुत्र का वियोग संसार का सबसे बड़ा दुख है।
उन्होंने रामचरितमानस का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह भगवान राम के वियोग में राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए थे और लक्ष्मण को शक्ति लगने पर श्रीराम भी गहरे दुख में डूब गए थे।
संत ने परिवार को समझाते हुए कहा कि विधाता का विधान अटल है और शुभम की शहादत पहले से ही तय थी। उन्होंने परिवार को इस मुश्किल घड़ी में शांति के लिए ईश्वर का नाम जपने की सलाह दी। परिजनों ने बताया कि संत के शब्दों से उन्हें मानसिक शांति मिली है।

