कानपुर: चर्चित वकील अखिलेश दुबे को बीजेपी नेता रवि सतीजा की शिकायत पर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अखिलेश दुबे ने रवि सतीजा के खिलाफ धोखाधड़ी और पाक्सो एक्ट समेत कई झूठे मुकदमे दर्ज करवाए। पुलिस के मुताबिक, शिकायत करने वाली महिला बिहार की रहने वाली है और उसके साथ कोई घटना नहीं हुई थी।
मुख्य बातें
- बीजेपी नेता रवि सतीजा को झूठे मुकदमे में फंसाकर वसूली के आरोप में हुई कार्रवाई।
- जमीनों पर जबरन कब्जा करने और अन्य गंभीर मामलों में भी गोपनीय जांच चल रही है।
- कास्मोजिन के पार्टनर लवी मिश्रा भी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
ऑपरेशन महाकाल के तहत हुई गिरफ्तारी

कानपुर में भूमाफिया, वसूली करने वाले पत्रकारों और वकीलों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन महाकाल’ के तहत पुलिस ने बुधवार को वकील अखिलेश दुबे को गिरफ्तार किया। उन पर बीजेपी नेता रवि सतीजा को झूठे मुकदमों में फंसाकर वसूली करने का आरोप है।
पुलिस ने दुबे के तीन अन्य साथियों को भी पकड़ा है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि अखिलेश दुबे के खिलाफ जमीनों पर जबरन कब्जे और दूसरे गंभीर मामलों की भी गोपनीय जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इन मामलों में भी कार्रवाई हो सकती है।
झूठे मुकदमों से वसूली का मामला
पिछले साल, एक महिला ने रवि सतीजा के खिलाफ अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। डीसीपी दक्षिण, दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि जांच में पता चला कि यह मामला झूठा था। अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा ने इसी मामले का फायदा उठाकर महिला से समझौता कराने के नाम पर रवि सतीजा से 50 लाख रुपये की मांग की थी।
ऑपरेशन महाकाल क्या है?
ऑपरेशन महाकाल के तहत कानपुर में उन भूमाफियाओं और वसूलीबाजों पर शिकंजा कसा जाएगा, जिनकी शिकायत आम लोग करेंगे। इस अभियान में सरकारी कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा, अगर उनके खिलाफ कोई शिकायत मिलती है।





