हाल ही में भारत के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों CoinDCX और WazirX में साइबर हमले की घटनाएँ सामने आई हैं। CoinDCX में एक आंतरिक खाते से लगभग 378 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि WazirX में करीब 1983 करोड़ रुपये की होल्डिंग्स की चोरी हुई है। CoinDCX के मालिक सुमित गुप्ता हैं, जबकि WazirX के संस्थापक निश्चल शेट्टी हैं।

नई दिल्ली। भारत में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े बड़े साइबर हमलों का सिलसिला पिछले कुछ वर्षों से जारी है। इनमें अब CoinDCX का नाम भी जुड़ गया है। इस साइबर हमले में एक आंतरिक खाते से लगभग 44 मिलियन डॉलर यानी करीब 378 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। घटना 19 जुलाई को हुई थी।

वहीं, पिछले वर्ष WazirX भी साइबर हमले का शिकार हुआ था। तब हैकर्स ने उपयोगकर्ताओं की लगभग 230 मिलियन डॉलर की होल्डिंग्स की चोरी कर ली थी। इस तरह दोनों घटनाओं को मिलाकर कुल 2361 करोड़ रुपये के साइबर हमले की खबरें सामने आई हैं।

अब हम इन दोनों कंपनियों के संस्थापकों के बारे में जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं।

WazirX के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निश्चल शेट्टी हैं। वह मुंबई के निवासी और कंप्यूटर साइंस में स्नातक हैं। निश्चल शेट्टी ने अपने करियर की शुरुआत एक सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में की। 2010 में उन्होंने अपना पहला स्टार्टअप क्राउडफायर शुरू किया, जो सोशल मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में लोकप्रिय हुआ।

2018 में उन्होंने भारत का प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX शुरू किया। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य भारत में क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग को बढ़ावा देना था। WazirX ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की और 2019 में Binance ने इसे अधिग्रहित कर लिया।

साल 2022 में उन्होंने Shardeum नामक एक स्केलेबल और विकेंद्रीकृत ब्लॉकचेन प्लेटफार्म का भी शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए ब्लॉकचेन तकनीक को अधिक सुलभ बनाना है।

हाल ही में एक रिपोर्ट के अनुसार, निश्चल शेट्टी और WazirX के को-फाउंडर सिद्धार्थ मेनन भारत से दुबई स्थानांतरित हो गए हैं। हालांकि, कंपनी के कार्यालय अभी भी मुंबई और बेंगलुरु में मौजूद हैं।

वहीं, CoinDCX का संचालन सुमित गुप्ता के नेतृत्व में हो रहा है। इस कंपनी की स्थापना 2018 में सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल ने की थी। सुमित गुप्ता IIT बॉम्बे से स्नातक हैं। उन्होंने मात्र 19 वर्ष की उम्र में अपनी पहली कंपनी शुरू की थी और टोक्यो में एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य भी किया है।

भारत में क्रिप्टो क्षेत्र का भविष्य अभी अनिश्चितताओं से भरा है, लेकिन युवा उद्यमी जैसे निश्चल शेट्टी आदि नवाचार के माध्यम से इस क्षेत्र को नई दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। साइबर हमले और नियामक चुनौतियों के बीच निवेशकों के मन में अनेक सवाल उठते रहते हैं।

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