बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा गरमा गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें एक ही पते पर कई मतदाताओं के नाम दर्ज होने का दावा शामिल है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के उदाहरण देते हुए कई आंकड़े पेश किए हैं, जिससे चुनाव आयोग कटघरे में आ गया है. यह आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची में हेराफेरी से वोटों की चोरी हो रही है.
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर राहुल गांधी का आरोप
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट का मुद्दा राजनीतिक गलियारों में जमकर गूंज रहा है. लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार समेत चुनाव आयोग पर कई आरोप लगा रहे हैं. गुरुवार को भी राहुल गांधी ने एक प्रेजेंटेशन दिया, इसमें यूपी में वोटर लिस्ट का मुद्दा उठाया. राहुल का दावा है कि एक ही पते पर कई वोटर्स मिले हैं. उन्होंने कई आंकड़ों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है.
एक ही व्यक्ति का नाम कई जगह

राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में उत्तर प्रदेश का भी जिक्र किया, जिसमें उनके द्वारा तथ्य रखा गया कि दो मतदाता, आदित्य श्रीवास्तव पुत्र श्री एस.पी. श्रीवास्तव (एपिक नं. FPP6437040) और विशाल सिंह पुत्र श्री महीपाल सिंह (एपिक नं. INB2722288), का नाम उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेश की विधानसभाओं की मतदाता सूची में भी दर्ज है.
आदित्य श्रीवास्तव का नाम चार जगह दर्ज
राहुल गांधी की तरफ से ये आंकड़े 16 मार्च 2025 को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से निकाले हुए दिखाए गए हैं. आदित्य श्रीवास्तव का नाम चार जगह दर्ज दिखाया गया है:
- मुंबई सब अर्बन की विधानसभा 158 जोगेश्वरी पूर्व की बूथ संख्या 197 क.सं. 877
- बैंगलोर अर्बन की विधानसभा 174 महादेवपुरा के बूथ संख्या 458 क.सं. 1265
- बैंगलोर अर्बन की विधानसभा 174 महादेवपुरा के बूथ संख्या 459 क.सं. 678
- लखनऊ की विधानसभा 173 लखनऊ पूर्व के बूथ संख्या 84 क.सं. 630
विशाल सिंह का नाम तीन जगह दर्ज
इसके अलावा, विशाल सिंह पुत्र महीपाल सिंह का नाम तीन जगह दर्ज दिखाया गया है:
- बैंगलोर की विधानसभा 174 महादेवपुरा में बूथ सं. 513 क.सं. 926
- बैंगलोर की विधानसभा 174 महादेवपुरा में बूथ सं. 321 क.सं. 894
- वाराणसी की विधानसभा 390 वाराणसी कैंट में बूथ सं. 82 क.सं. 516
‘वोटों की चोरी कर रहा चुनाव आयोग’
इन्हीं सब सबूतों के साथ राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा है. इसके साथ ही उन्होंने साफ कहा कि इन्हीं के जरिए चुनाव आयोग वोटों की चोरी कर रहा है. राहुल ने बताया कि लाखों पेपर्स की मैनुअली चेकिंग के बाद हमने ये सबूत जुटाए हैं. इन सबूतों को जुटाने में करीब 6 महीने का वक्त लगा है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चुनाव आयोग ने जानबूझकर हमें नॉन मशीन रीडेबल पेपर्स मुहैया कराए, ताकि इन्हें मशीन से स्कैन न किया जा सके.
राहुल ने कहा कि हमने यहां वोट चोरी का एक मॉडल पेश किया, और उन्हें लगता है कि इसी मॉडल का प्रयोग देश की कई लोकसभाओं और विधानसभाओं में हुआ है.





